आम चुनावों में बामुश्किल 2 महीने के आस-पास का समय बचा हैं,उसी दिशा में राजनीतिक पार्टियों ने भी चुनाव में जीत के लिए कमर कसना शुरू कर दिया है .वहीं केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों को जीतने का मेगा प्लान बनाया है.
रैलियों और रोड़ शो से प्रचार :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ लोकसभा चुनावों के लिए रैलियों और रोड़ शो के माध्यम से चुनाव प्रचार करेंगें.इस दौरान भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति हैं कि योगी की जनसभा सारी लोकसभा सीटों पर कराई जाए,तो वहीं रोड़ शो के माध्यम से नरेंद्र मोदी को जनता के बीच में जाने की योजना बनाई गई है|
जातीय समीकरण साधने के लिए मंत्रीमंडल विस्तार :
मंगलवार को हुए योगी सरकार के मंत्रीमंडल विस्तार से भाजपा का साफ संदेश हैं कि चुनाव से पहले किस तरह छोटी-छोटी जातियों पर प्रभाव रखने वाली पार्टियों को जगह दी जाए और उन्हें NDA के कुनबे में शामिल करा कर चुनाव लड़ा जाए.योगी सरकार के मंत्रीमंडल विस्तार में बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की आगामी लोकसभा चुनावों के लिए स्पष्ट रणनीति देखी जा सकती है,इस रणनीति के तहत जिसमें सुभासपा से ओमप्रकाश राजभर और रालोद से अनिल कुमार को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.इसके साथ ही यह भी तय हो गया कि राज्य में जातियों के समीकरण साधने के लिए और सपा के एमवाई फैक्टर से लड़ने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई हैं.
सुभासपा और रालोद से भाजपा को कितना फायदा :
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री रहे ओपी राजभर 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़े थे.लेकिन राजभर और रालोद के जयंत चौधरी ने इस बार ‘कमल’ के साथ जाने का फैसला किया है.अब सवाल यह उठता हैं कि क्या इन दोनों छोटे-छोटे घटक दलों के साथ आने भाजपा को क्या फायदा होगा !वहीं,अगर कुछ राजनीतिक जानकारों की मानें तो उनका मानना हैं कि इससे भाजपा को पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी में वोट प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी.इन दोनों को साथ लाने में अमित शाह की मुख्य भूमिका है,जो कि 2024 और 2017 के चुनावों में उत्तर प्रदेश की जातीय राजनीति से अच्छी तरह वाकिफ़ हैं.
‘मोदी की गारंटी’ बनेगी जीत की गारंटी :
मोदी सरकार ने अपनी सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याण कारी योजनाओं के माध्यम से जागरूकता के लिए ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ अभियान शुरू किया हैं.इससे साफ संदेश हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याण कारी योजनाओं की वजह से अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच पेश कर रही हैं और 2024 के चुनावों के लिए फिर से मोदी पर भरोसा जताने के लिए जनता से कह रही है.यह तो आम चुनावों के परिणाम ही बता पाएंगे कि ‘मोदी की गारटीं’ जीत की गारंटी में तब्दील हो पाएगी या नहीं.